सुदिव्य सोनू हमेशा प्रेरणा के स्रोत बने रहेंगे : हेमंत सोरेन
THE JHARKHAND STORY NETWORK गिरिडीह, 17 सितंबर : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को गिरिडीह के हरसिंहरायडीह स्थित दिवंगत पूर्व झारखंड कैबिनेट…
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गिरिडीह, 17 सितंबर : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को गिरिडीह के हरसिंहरायडीह स्थित दिवंगत पूर्व झारखंड कैबिनेट मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आवास पहुंचकर उनके कर्म में हिस्सा लिया और उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने दिवंगत मंत्री के परिजनों—उनकी पत्नी, पुत्र और पुत्री—से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और शोकाकुल परिवार को इस कठिन घड़ी में दुख सहने की शक्ति, धैर्य और संबल प्रदान करने की कामना की।
सुदिव्य सोनू का निधन राज्य के लिए अपूरणीय क्षति : हेमंत
मीडिया से बातचीत में हेमंत सोरेन ने सुदिव्य कुमार सोनू के असामयिक निधन को झारखंड के लिए गहरी पीड़ा और अपूरणीय क्षति बताया।
उन्होंने कहा, “सभी लोग सुदिव्य कुमार सोनू के असामयिक और दुखद निधन से परिचित हैं। आज परंपरा के अनुसार द्वादश कर्म की रस्म पूरी की जा रही है और हमने उन्हें अंतिम विदाई दी है। यह बेहद दुखद घटना है और राज्य के लिए ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई करना बेहद कठिन है।”
मुख्यमंत्री ने मंत्री के रूप में सुदिव्य कुमार सोनू की सक्रियता, कार्यशैली और व्यक्तित्व को याद किया। उन्होंने कहा कि समाज और राज्य को हमेशा ऐसे लोगों की जरूरत होती है, जिनमें साहस और जुनून हो।
हेमंत सोरेन ने कहा, “सुदिव्य कुमार सोनू मंत्री के रूप में बेहद सक्रिय थे। उनकी सक्रियता और व्यक्तित्व से सभी परिचित थे। समाज और राज्य को हमेशा ऐसे लोगों की जरूरत होती है, जिनमें इस तरह का साहस और जुनून हो। सुदिव्य सोनू में ये सभी गुण थे और उन्होंने लंबे समय तक राज्य के विभिन्न क्षेत्रों को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।”
दल की सीमाओं से ऊपर उठकर पहुंचे लोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदिव्य सोनू के द्वादश कर्म में लोग राजनीतिक दलों की सीमाओं से ऊपर उठकर शामिल हुए।
उन्होंने कहा, “यह स्वीकार करना आज भी कठिन है कि वह हमारे बीच नहीं हैं। न हम और न ही कोई अन्य नियति के फैसले को बदल सकता है। हमें उसे स्वीकार करना पड़ता है।”
उन्होंने कहा कि सुदिव्य सोनू ने समाज के सभी वर्गों और लोगों के मुद्दों को मजबूती से उठाया और अपने लिए एक अलग पहचान बनाई।
हेमंत सोरेन ने कहा, “लोग दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर उनके द्वादश कर्म में शामिल हुए हैं। सुदिव्य सोनू एक विशिष्ट व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने समाज के सभी लोगों और वर्गों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी अनुपस्थिति में भी वह हम सभी के लिए प्रेरणा का उदाहरण बने रहेंगे।”
मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और कहा कि शोक की इस घड़ी में सरकार और समाज परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने समारोह में मौजूद लोगों से भी मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी।
कल्पना सोरेन ने भी दी श्रद्धांजलि
विधायक कल्पना सोरेन ने भी दिवंगत सुदिव्य कुमार सोनू के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और इस कठिन समय में परिवार को दुख सहने की शक्ति प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
मंत्री, सांसद और अधिकारी हुए शामिल
द्वादश कर्म समारोह में राज्य के कई कैबिनेट मंत्री, राज्यसभा सांसद, विधायक, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, वरिष्ठ राज्य सरकार के अधिकारी, गिरिडीह जिला प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक तथा बड़ी संख्या में समर्थक और प्रशंसक शामिल हुए।
सभी ने दिवंगत पूर्व मंत्री को श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।


